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  • Mahesh Beldar

The struggle of our life story in Hindi-संघर्ष जरुरी हे

100 में से 99% लोग यह चाहते हे की उनकी life में कोई समस्या - मुशीबत न आये, उनका जीवन smoothly चलता रहे, दुःख और problems किसी कों अच्छे नहीं लगते, life में struggle किसी को अच्छा नहीं लगता, सब कोई सुख प्राप्त करना चाहता हे, happy रहना चाहता हे, लेकिन हमे यह समजना चाहिए की life में आने वाले दुःख और मुसीबतों का सामना कर ही हम अन्दर से मजबूत बनते हे, फिर हमे भविष्य में आने वाली समस्याए विचलित नहीं कर सकती, हम उसका आराम से सामना कर लेते हे.


जैसे आप पहली बार जब किसी लड़की को propose करते हे तब आपकी क्या हालत होती हे? आपके पसीने छुट जाते हे और जब दूसरी बार करते हे तब? फर्क पड़ता हे ना?


आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी “एक शांत समुद्र में नाविक कभी कुशल नहीं बन पाता”, यदि आपको cricket में interest हो और आपने cricket खेली हो तो आपको पता होगा की यदि आपने कभी short बोल नहीं खेली और एक fast bowler जो ओसतन 145 kmph की speed से bowling करता हो और वह आपको short ball डाले तो आपकी क्या हालत होगी? आपका मुह या शिर जरुर टूटेगा और यदि खेली हो तो आप उसे hook shot लगा दोगे.


Story of a farmer life, Why struggle in life? - It is just a example understand the context





इसी से सम्बन्धित एक मजेदार story हे जो काफी समजने लायक हे, आपके पास यदि थोडा समय हे तो इस post को अंत तक जरुर पढ़े, आपका कुछ जाएगा तो नहीं पर मिलेगा बहुत कुछ.


एक गाव में एक किशान रहता था, उसकी फसल बार बार खराब हो जाती थी, कभी ठण्ड की वजह से, कभी धुप की वजह से और कभी बारिस की वजह से, फसल खराब होने पर उसको काफी नुकशान हो जाता था.

बार बार फसल खराब होता देख एक दिन वह बहुत दुखी हो गया और भगवान् को कोषने लगा, तभी वहा भगवान् प्रकट हो गए, वह काफी गुस्से में था, वह भगवान् को कहने लगा की आपको खेती की बिलकुल जानकारी नहीं हे, आप गलत समय पर ठंड बढ़ा देते हो, कभी धुप तो कभी तेज बारिस कर देते हो और इस वजह से हर बार मेरी फसल खराब कर देते हो, भगवान यह सब शान्ति से सुन रहे थे, जब किसान की बात खत्म हुई तो भगवान् ने उससे कहा ही ठीक हे अब अब तुम मुझसे क्या चाहते हो? किसान ने कहा की आप मेरी अगली फसल तक मौसम मेरी इच्छा अनुसार कर दे, जैसा में चाहू वैसा ही मौसम रहे, यह सुनकर भगवान् ने तथास्तु कहा और वहासे गायब हो गए.


उसके बाद किसान ने वापस गेहू की खेती शुरू कर दी, अब वह अपनी इच्छा अनुसार मौसम रखता था, अब जब वह ठण्ड चाहता तब ठण्ड होती, धुप चाहता तब धुप और जब बारिस चाहता तब बारिस होती, थोड़े महीने ऐसे ही चलता रहा और उसकी फसल तैयार हो गयी, इसबार पहले के मुकाबले खेत पूरा हराभरा था जिससे किसान बहुत खुस था, जब वह फसल कटवा रहा था तब उसने देखा की फसल की बालिया तो पूरी खाली हे, उसमे अनाज का एक दाना तक नहीं हे, यह देख वह काफी परेशान हो गया और भगवान् को याद करने लगा.


भगवान् वहा प्रकट हुए, किशान ने भगवान् से इसकी वजह पूछी, भगवान् ने कहा की इसबार तुम्हारी फसल ने बिलकुल भी संघर्स ही नहीं किया, इसी वजह से एक भी बाली में दाना नहीं हे, वह पूरी खोखली हे, जब फसले बर्फीली ठण्ड, तेज धुप, तेज हवा और बारिस से लडती हे, खुदको बचाए रखने के लिए उनसे संघर्स करती हे तभी उसमे दाने बन ने की प्रक्रिया शुरू होती हे, जिस तरह “सोने को चमकने के लिए आगमे तपना पड़ता हे”, ठीक उसी प्रकार फसल के लिए भी संघर्स जरुरी हे, किसान इस बात को अच्छे से समज गया और उसे अपनी गलती का एहसास हो गया, “life में struggle जरुरी हे”.


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