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  • Mahesh Beldar

Mr. Sandeep Maheshwari से सबसे ज्यादाबार पूछे जाने वाला 1 ही सवाल.


Sir, आपका video देखकर हम पुरे charged up और motivate हो जाते हे लेकिन जैसे ही routine life में वापस लोटते हे हम वैसे ही हो जाते हे जैसे पहले थे.


Motivation ज्यादा देर तक रहता नहीं.


इसकी वजह उन्होंने तो अपने videos में बताई ही हे.


लेकिन जो में आपको Gautam Buddha के जीवन का एक प्रसंग बताने वाला हु उससे आपको इस सवाल का जवाब बहोत अच्छी तरह समज मे आ जाएगा.


Sandeep Maheshwari जी के videos का असर तब होगा जब!


एक व्यक्ति Gautam Buddha के प्रवचन रोज सुन ने आया करता था और बड़े ही ध्यान से उनकी बातो को सुनता था, जैसे आप Sandeep Maheshwari या उनके जैसे कोई और Motivational Speaker को सुनते हे, बुद्ध अपने प्रवचनों में क्रोध, मोह, लालच, और अहंकार को छोड़कर जीवन सुख-शांति से जीने की सलाह दिया करते थे, एक दिन वह व्यक्ति Gautam Buddha के पास आया और बोला की, तथागत! में लगभग एक महीने से आपके सभी प्रवचन सुन रहा हु, क्षमा करे, लेकिन मुज पर आपके प्रवचनों का कोई असर नहीं हो रहा, आपके द्वारा कही हरेक बात सत्य हे, लेकिन फिर भी इसका कोई भी असर मुज पर नहीं हो रहा.


इसका क्या कारण हे? क्या मुज मे कोई कमी हे या फिर में मुर्ख हु.


Gautam Buddha ने शांति से उसकी बाते सुनी, फिर उस व्यक्ति से पूछा की तुम कहा रहते हो? उस व्यक्ति ने उतर दिया की, में श्रावस्ती में रहता हु, बुद्ध ने पूछा की यह जगह यहा से कितनी दूर हे? उस व्यक्ति ने दुरी बताई की, यह जगह यहासे इतनी दूर हे, इसके बाद बुद्ध ने फिर पूछा की, तुम वहा कैसे जाते हो? व्यक्ति ने बताया की में कभी बैलगाड़ी में तो कभी घोड़ागाड़ी में बैठकर जाता हु, बुद्ध ने फिर उस व्यक्ति से पूछा की वहा पहुचने में तुम्हे कितना समय लगता हे? व्यक्ति ने वहा पहुचने का समय भी बता दिया.


इसके बाद बुद्ध ने उस व्यक्ति से आखरी सवाल पूछा, क्या तुम यहाँ बैठे बैठे श्रावस्ती पहुच सकते हो? इस प्रश्न के जवाब में उस व्यक्ति ने कहा की तथागत! यह कैसे हो सकता हे? इसके लिए तो चलना पड़ेगा, तभी में वहा पहुच सकता हु, बुद्ध ने कहा की तुम्हारी बात सही हे, हम चलकर ही हमारे लक्ष्य तक पहुच सकते हे, ठीक उसी प्रकार जब तक हम सुनी हुई अच्छी बातो का पालन नहीं करेंगे, उन पर चलेंगे नहीं, सिर्फ सुनेंगे तब तक हमारे ऊपर उन प्रवचनों का कोई असर नहीं होगा.


व्यक्ति को बुद्ध की बाते समज में आ गई और उस दिन के बाद उसने बुद्ध के बताये मार्ग पर चलना शुरू कर दिया.





ठीक इसी प्रकार जब तक हम Sandeep Maheshwari द्वारा बताई गई बातो को या दुसरे Motivational Speakers द्वारा बताई गई बातो को सिर्फ सुनेंगे लेकिन उसका पालन नहीं करेंगे, उस पर चलेंगे नहीं, उस पर मनोमंथन नहीं करेंगे, तब तक उन बातो का हमारे ऊपर कोई असर नहीं होगा, हमारा जीवन युही चलता रहेगा, उसमे कोई परिवर्तन नहीं आएगा.


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