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  • Mahesh Beldar

Mind must also be fit along with body

Body के fit होने के साथ साथ mind का फिट होना भी जरूरी है.




कुछ लोग body के level पर तो काफी fit होते है लेकिन mind के level पर उतने फिट नहीं होते, यदि आप उन्हे दो तीन तीखे शब्द सुना दो तो वह रोने लग जाएंगे, यदि उनकी life में थोड़ा भी इधर उधर हो जाए तो वह मारने, मरने या मिटने पर आ जाते हे, में काफी लोगो को देखता हूं वह शरीर को fit रखने के लिए काफी मेहनत करते है, gym में जाकर बहुत पसीना बहाते है , मगर mind को फिट रखने के लिए वह कुछ नहीं करते.

जितना जरूरी शरीर को fit रखना है उतना ही या उससे ज्यादा कही जरूरी है mind को फिट रखना हे.

Mind को fit रखना क्यों जरुरी है? क्योंकि body mind को नहीं चलाती, mind body को चलाता है, वह इस शरीर रूपी गाड़ी का ड्राइवर है, वह जहा चाहे गाड़ी को ले जा सकता है, वह चाहे तो गाड़ी को सीधे road पर चला सकता है या फिर गटर में ले जाकर भी गिरा सकता है.

इसलिए में mind को फिट रखने कि बात कर रहा हूं, इससे related मैंने काफी example देखे है, जिसके base पर में यह बात कर रहा हूं.

हम अक्सर news paper में पढ़ते है या लोगो से सुनते है कि, कोई लड़का या लड़की exam में fail हुआ या हुई, और उसने suicide कर लिया, किसीको business में loss हुआ उसने suicide कर लिया, पति-पत्नी के बीच झगडा हुआ पति ने suicide कर लिया, यदि हम यहां थोड़ा ध्यान दे तो हमे यहां पर विरोधाभास देखने को मिलता है, कुछ लोग होंगे जो मैंने आगे बताया ऐसे step उठा लेंगे, जबकि कुछ लोगो को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, फिर भले ही वह exam में 10 बार फेल हुए हो, business में पूरी तरह बर्बाद हो जाए , या husband wife me कितना भी बड़ा झगडा क्यों न हो जाए.

जिनको को फर्क नहीं पड़ता, जिनको फर्क पड़ता है, उनमें क्या फर्क होता है, सिर्फ information का, information का ही फर्क होता है दूसरा कुछ नहीं, जिनको फर्क नहीं पड़ता उनके दिमाग में कहिन न कही से, किसी न किसी source से, कुछ strong, transformative information गई होगी, जिसके कारण वह ऐसी situation से बहुत अच्छी तरह deal कर लेते है, जैसे यदि किसी ने ऐसे किसी लड़के कि story पढ़ी होगी, जो पहले exam में काफी बार फैल हुआ हो उसके बाद pass हुआ हो, ओर बहुत आगे गया हो, कुछ लोग जो पढ़ने में इतने सफल न रहे हो लेकिन दूसरी चीजों में सफल रहे हो, किसीको business में बहुत बड़ा नुकसान हुआ हो, वह पायमाल हो गया हो, उसके बाद उसने किसी छोटे मोटे business से वापस शुरुआत कि हो और वह फिरसे उसी मुकाम पर पहुंच गया हो, किसी के अंदर information आ गई हो कि झगड़े के बाद पत्नी से कैसे deal करना है, या पति से कैसे deal करना है, वह भी आराम से ऐसी situation को handle कर लेगा.


जिनको फर्क पड़ता है, उनके दिमाग में ऐसी information नहीं गई होगी, या उनको ऐसी information लेने में कोई interest नही होगा, उन्होंने अपने mind को इतना fit नहीं किया होगा, तभी हमे लोगो द्वारा उठाए गए step में विरोधाभास देखने को मिलता है, एक किसी बात को अलग तरीके से लेता है, दूसरा अलग तरीके से लेता है, इन तरीकों तरीकों में फर्क होता है.

अपने mind को strong करे, कैसे? जैसे body को strong करते है, gym में जाकर Machine के जरिए exercise कर कर, वैसे ही mind को strong कर सकते है, अच्छी book पढ़कर, अच्छे लोगो की story पढ़कर, अच्छे motivational speaker को सुनकर, उनपर विचार कर, समझकर.

अपने mind को strong विचार रूपी antivirus से इतना सशक्त बना दीजिए कि कोई भी कुविचार रूपी virus आपका बाल भी बांका न कर पाए.


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