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  • Mahesh Beldar

आखिर Information-Memory हमारे दिमाग में store क्यों होती हे?

हमारे साथ जो भी घटित होता हे वह हमारे दिमाग में memory के तोर पर जिसे हम information, thoughts भी कहते हे, save हो जाता हे, जैसे हम जो देखते हे, जो सुनते हे, जो सूंघते हे, जो taste करते हे, skin के माध्यम से जो महसूस करते हे वह सब कुछ हमारे दिमाग में store हो जाता हे.


Information - Memory हमारे दिमाग में क्यों store होती हे?


आपने कभी सोचा हे की information हमारे अन्दर save क्यों होती हे? उसका क्या उद्देश्य हे, क्या वह information दुखी होने के लिए हे? खुस होने के लिए हे? नहीं, लेकिन ज्यादातर लोग यही तो करते हे, वह past की बातो को याद कर दुखी होते हे, परेशान होते हे, या खुस होते हे, saved information का उपयोग कर वह भविष्य के बारे मे सोचकर चिंतित होते हे, वह उन्ही विचारो में उल्जे और खोये रहते हे.





Information जिसे हम memory भी कहते हे, thoughts भी कहते हे वह हमारे दिमाग में store होती हे दुखी या सुखी होने के लिए नहीं लेकिन हमारे body को protect करने के लिए, saved information का उपयोग हम next time कर सके इसलिए होती हे.


अब बात आती हे की हमारी body इससे कैसे protect होती हे? तो जब हम आग मे पहली बार जलते हे तो वह information हमारे दिमाग में save हो जाती हे, जैसे में आग के पास गया और जल गया , अब वह जो मेरे साथ घटित हुआ वह मुझे याद रह गया तो अब में जब भी आग देखूंगा में उससे दुर ही रहूँगा.


दूसरा example में bike से कही जा रहा हु, रास्ते में बहुत बड़ा खड्डा हे, मैंने उसे देखा नहीं, में उस खड्डे में जाकर गिर गया, मुझे बहोत चोट आई, अब यह घटना मेरे दिमाग में store हो जायेगी, तो अब जब भी में उस road से जाऊँगा मुझे आगे जो मेरे साथ हुआ था वह याद रहेगा, में उस जगह bike ध्यान से और धीमे चलाऊंगा जिससे की वापस में उस खड्डेमें न गिरू, तो हो गई ना इस तरह body protect.


दूसरा हे save information for the next time use, मतलब की जो चीज हम एक बार सीखेंगे, देखेंगे वह हमे याद रह जायेंगी, इससे फायदा क्या होगा? हमे कोई चीज हर बार सीखनी नहीं पड़ेगी, या किसी को हमे एक ही चीज बार बार सिखानी नहीं पड़ेगी, अन्यथा आज हम कुछ सीखेंगे या हमे कोई कुछ सिखाएगा और हम उसे दुसरे दिन भूल जायेंगे, दूसरी बार हम उसे खुद ब खुद नहीं कर पायेंगे, मतलब की, आज हमने गाडी चलाना सिखा, दुसरे दिन हम उसे भूल गये, क्या होगा? ऐसे हम कभी गाडी चलाना नहीं सिख पायेंगे, ऐसा सभी चिजो मे होगा जैसे दूसरा example देता हु, आज हमने खाना बनाना सिखा, हम उसे भूल गये, क्या होगा? ऐसे हम कभी खाना बनाना नहीं सिख पायेंगे?


तीसरा example आपने किसी को 100000 रूपये उधार दिए, उसने पैसे लेते वक्त उसे 6 महीने में लोटाने का वादा किया था लेकिन उसने वह पैसे नहीं लौटाए, आपके मांगने के बावजूद, क्या वह दुबारा आपसे पैसे मांगने आएगा तो आप उसे देंगे? नहीं, और यदि यह बात आपको याद नहीं रही तो? यह बात आपके दिमाग में save नहीं हुई तो? वह दुबारा आपसे पैसे मांगकर आपको उल्लू बनाकर चला जाएगा, यदि चीजे हमे याद नहीं रहेगी तो हम अपने माँ-बाप को भी पहचान नहीं पायेंगे और न तो माँ-बाप हमे.


मैंने ऊपर जो आपको समजाया उसका उदेश्य यही हे की आपको यह मालुम हो की, हम जब छोटे बच्चे थे तब से लेकर आज तक जो भी information, thoughts हमारे दिमाग में save हुई हे वह दुखी होने के लिए, परेशान होने के लिए या खुस होने के लिए नहीं हुई लेकिन हमारी body को protect करने के लिए, एक ही चीज को हमे बार बार सीखना न पड़े उस के लिए हुई हे, जिससे की एकबार सीखी हुई चीज naturally हमारे द्वारा होती रहे और information का उपयोग हम हमारे हित में कर सके, तो आज से बीती बातो को याद कर दुखी और परेशान होना बंध करे और memory का उपयोग करे उसके लिए जिसके लिए वह save होती हे.


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