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  • Mahesh Beldar

How to solve any problem? गौतम बुद्ध द्वारा दिया गया रस्सी का उदाहरण

हमारी Life में समस्याए चलती ही रहती हे और हम उसे सुलजाने में लगे रहते हे, लेकिन कई बार वह सुलजने के बजाय उलज ज्यादा जाती हे, जानिये क्या हे उसके कारण और क्या हे उसका solution जानिये Gautam Buddha से जुडी यह story से.


Gautam Buddha द्वारा दिया गया वह उपदेश जो आपको किसी भी समस्या का समाधान खोजने में काफी मदद करेगा


Gautam Buddha रोज अपने शिष्यों को उपदेश देते थे,






एक दिन सभी शिष्य बुद्ध के उपदेश सुनने के लिए बेठे थे, बुद्ध अभी तक वहा पहुचे नहीं थे, थोड़ी देर बाद बुद्ध वहा आये, शिष्यों ने देखा की उनके हाथ में एक रस्सी थी, सभी शिष्य उनके हाथ में रस्सी देखकर आश्चर्य चकित हो गये, वह सोचने लगे की वह रस्सी लेकर क्यों आये हे? बुद्ध अपनी जगह पर आकर बैठे और उन्हों ने रस्सी में एक के बाद एक तीन गांठ बांधी.


फिर उन्होंने अपने सभी शिष्यों से पूछा की क्या यह वही रस्सी हे जो तीन गाँठ बांधने से पहले थी?


एक शिष्य बोला की तथागत यह हमारे नजरिये पर निर्भर करता हे, वैसे देखा जाए तो गांठे लगने के बाद भी यह वही रस्सी हे.


दूसरा शिष्य बोला की नहीं इसमें गांठे लग गई हे इसलिए अब यह दूसरी रस्सी हे.


तीसरा बोला की यह रस्सी तो वही हे लेकिन गांठो की वजह से इसका स्वरूप बदल गया हे, लेकिन इसका मूल रूप तो अभी भी वही हे.


बुद्ध ने सभी शिष्यों की बातो को बहोत ध्यान से सुना, और कहा की आप सब की बाते सही हे, फिर बुद्ध रस्सी को खोलने के लिए रस्सी को दोनों और से खीचने लगे, बुद्ध ने शिष्यों से पूछा की क्या इस तरह से यह तीनो गांठे खुल जायेगी?


शिष्य ने कहा की नहीं, इस तरह से तो गांठे और ज्यादा मजबूत हो जायेगी और फिर कभी नहीं खुलेगी, बुद्धने कहा की सही बात हे, फिर उन्होंने पूछा की बताओ इन गांठो को खोलने के लिए क्या करना पड़ेगा?


शिष्यों ने कहा की पहले हमे यह देखना होगा की यह गांठे लगी कैसे हे? गांठो को कैसे खोल सकते हे? जब हमे यह समज आ जाएगा की गांठ लगी कैसे हे तो इन्हें खोलना आसान हो जाएगा.


बुद्ध शिष्यों की बातो से खुस थे, बुद्ध ने कहा की ठीक इसी तरह हमे समस्या के बारे मे भी सोचना चाहिए, पहले समस्याओं का कारण जानना चाहिए, फिर उसे सुलजाने की कोशिस करनी चाहिए अन्यथा बात और ज्यादा बिगड़ सकती हे, इसलिए यदि हम पहले समस्याओं की वजह को समजेंगे और फिर उन्हें हल करने की कोशिस करेंगे तो हमारी समस्या जल्दी सुलज सकती हे.


जैसे आप एक लडकी हे, आपकी किसी से शादी हुई, आपकी शादी को अभी एक साल ही हुआ हे और आपकी अपनी साँस से हररोज लड़ाई होने लगी, अब आप परेशान हे, आप झगड़ो को बंध करना चाहती हे लेकिन वह और बढ़ रहे हे, आप सोच रही हे की मेरा जीवन तो शांति और सुकून वाला था, यह समस्या मेरे जीवन में कैसे आई? आपने काफी सोचा फिर आपने देखा की मेरे जीवन में यह समस्या तब से आई जब से मेरी सास आई, सास कैसे आई जब मेरा पति आया, पति कैसे आया जब मेरी इससे शादी हुई, मतलब पति नहीं तो सांस नहीं और सास नहीं तो समस्या नहीं, ठहरिये ठहरिये आपको अपने पति को मारना नहीं हे लेकिन कोई और रास्ता निकलना हे.


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