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  • Mahesh Beldar

How to face negative criticism-आलोचना का सामना

सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग? हम कुछ भी करने से पहले लोगो के बारे मे पहले सोचते हे की वह क्या कहेगा? लोग क्या कहेंगे? हम कुछ करने से पहले ही लोगो के बारे मे सोचकर उसे टाल देते हे, मेरा एक friend हे उसके पापा ग़ाव के सरपंच हे, वह पढ़ा लिखा हे लेकिन कोई काम या job नहीं करता हे, बस फ़ोकट में घुमा करता हे, एक दिन मैंने उससे कहा की ऐसे फ़ोकट का घूमता रहता हे तो कोई छोटी मोटी job join क्यों नहीं कर लेता? वह बोला की में सरपंच का बेटा कोई छोटी मोटी job करू? लोग क्या कहेंगे? की एक सरपंच का बेटा ऐसी job करता हे? बात खत्म.



इसी से समबनधित एक बहुत ही interesting story हे, आपको सुनकर मजा आएगा और काफी कुछ सिखने को भी मिलेगा, एक पति और पत्नी एक गधे को अपने साथ लेकर कही जा रहे थे, वह तीनो पैदल चले रहे थे, लोगो ने यह देखा और कहा की, यह दोनों कितने बेवकूफ हे, इन्हें गधे का इस्तेमाल करना नहीं आता, गधा साथ में हे लेकिन फिर भी यह दोनों पैदल चल रहे हे, यह बात उन पति-पत्नी ने सुनी, अब वह दोनों गधे पर बैठ गये, वह थोड़े आगे गये, अब लोगो ने कहा की यह दोनों कितने निर्दयी हे, इन मे दया भाव जैसी कोई चीज नहीं हे अब पति उतर गया और पत्नी को गधे पर बैठा दिया और गधे के साथ साथ वह चलने लगा, अब यह देख लोगो ने फिर कहा, पागल इन्शान, बीवी का गुलाम, खुद पैदल चल रहा हे और बीवी को ऊपर बैठाया हे, अब पति गधे पर बैठ गया और पत्नी निचे उतर गई और गधे के साथ चलने लगी, फिर लोगो ने कहा कितना selfish आदमी हे अपनी पत्नी को जरा सा भी प्रेम नहीं करता, खुद ऊपर बैठकर उसे पैदल चला रहा हे, अब वह भी गधे से निचे उतर गया और उन दोनों ने मिलकर उस गधे को अपने सर पर उठा लिया और चलने लगे, यह देखकर लोग जोर जोर से हसने लगे और कहने की कितने बेवकूफ लोग हे, इन मे जरा सी भी अक्ल नहीं, भला गधे को कोई सर पर उठा कर चलता हे क्या?


How to avoid criticism


मतलब आप कुछ भी करो लोग आपकी आलोचना करेंगे ही करेंगे, हाथी जब चलता हे तब कुत्ते उसे देख काफी भोकते हे लेकिन हाथी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, वह अपनी चाल में ही मग्न रहता हे, कुत्तो की और देखता तक नहीं, थोड़ी देर कुत्ते भोकते हे फिर भोक भोक कर थक जाते हे और जा करके बैठ जाते हे, इस तरह आप भी लोगो की बातो पर ध्यान मत दो ,जो आपको सही लगता हे वह करो, उनकी आलोचना से अपना ध्यान मत भटकाए, हर किसी की उम्मीद आप पूरी नहीं कर सकते.


अभी दो दिन पहले ही मैंने एक private school के principle की story पढ़ी, जैसा आप जानते हे corona virus की वजह से सभी schools बंध हे, schools बंध हे तो teacher की salary भी बंध हे, वह principle तीन-चार महीने से घर पर ही थे तो उनकी income भी बंध थी, वह private tuition लेते थे, जिससे उनको महीने के करीबन 30 हजार की income हो जाती थी, corona की वजह से कोई parents उनके बच्चो को tuition भी नहीं भेजते थे, तो वह income भी उनकी बंध थी, उन्होंने ने बच्चो के माँ-बाप को private tuition के लिए approach भी किया लेकिन उन्होंने मना कर दिया, उनके घर में उनकी बीवी और एक बेटी थी जो अभी पढाई कर रही थी, सभी income के sources बंध थे और खर्चे वही के वही थे, उन्होंने काफी सोचा की अब जीवन निर्वाह के लिए क्या किया जाए, क्या किया जाए, फिर उन्हें idea आया सब्जी बेचने का, आप जानते ही होंगे की फिलहाल यही एक धंदा हे जो अच्छा चल रहा हे और कम पैसो में शुरू हो जाता हे, उन्होंने ने अपने एक friend की मदद ली, उससे थोडा कुछ सीखकर market में सब्जी की लारी लगाई और सब्जी बेचने लगे, शुरुआत में थोड़ी दिक्कत आई लेकिन अब धंधा चल रहा हे, और हम, में स्कूल का principle, में सब्जी बेचू? लोग क्या कहेंगे? लोग मुज पर हसेंगे?


आप यह क्यों नहीं सोचते की जो हसेंगे क्या वह आपको पैसे देने आयेंगे?


ज़रा सोचिये जो लोग आपके बारे मे बाते करेंगे, आप पर हसेंगे, क्या वह आपके घर में खाने को अनाज का एक दाना नहीं होने पर आपको घर पर खाना देने आयेंगे? आपने तो उनके बारे मे बहोत सोचा, वह यह कहेंगे, वह वह कहेंगे, लेकिन क्या वह आपके बारे मे सोचेंगे, की ला उसके घर में खाना नहीं हे, में उसे खाना देकर आता हु, कोई नहीं आएगा, जब वह आपके बारे मे नहीं सोचेंगे तो आप क्यों उनके बारे मे सोच रहे हो?


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