खोज करे
  • Mahesh Beldar

Don't let go good opportunity

हर कोई अपने जीवन काल में सफलता के शिखर पर पहुचना चाहता हे, वह जो भी कर रहे हे उसमे सर्वोच्च स्थान पर पहुचना चाहते हे फिर वह चाहे job कर रहे हो, business कर रहे हो कुछ भी कर रहे हो, जो वह कर रहे हे उसमे उच्च मुकाम हासिल करना चाहते हे और कुछ लोग तो इसमें इतने उतावले होते हे की जल्दी सफलता प्राप्त करने के चक्कर में तरह तरह के उपाय करने लगते हे या खोजने लग जाते हे.


यहाँ में आपको ऐसे ही एक व्यक्ति की story बताऊंगा जो ऐसा ही उतावला था, वह बहुत जल्दी सफलता प्राप्त करना चाहता था, सर्वोच्च शिखर पर पहुचना चाहता था, वह व्यक्ति किसी business coach के पास गया, जो काफी famous थे और उनके द्वारा बताई गई tips पर चलकर काफी लोग success हो गए थे, वह व्यक्ति ने उस business coach से कहा की वह अपने जीवन में सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुचना चाहता हे, लेकिन वह छोटे स्तर से इसकी शुरुआत नहीं कर सकता, वह उसे ऐसा कोई उपाय या मार्ग बताये जिससे की अपना लक्ष्य हासिल कर ले.


हाथ आया अच्छा मौका मत गवाओ - Grab the opportunity


वह coach मुस्कुराये और बोले की वह अव्यस्य उसे ऐसा उपाय बताएँगे, लेकिन उससे पहले बाहर जो बगीचा हे वहा से एक गुलाब का सबसे सुन्दर फुल लेकर आओ, लेकिन शर्त यह हे की जिस फुल को तुम पीछे छोड़ दोगे उसे दोबारा वापिस लौटकर नहीं तोड़ सकते, वह व्यक्ति शर्त मान गया और बगीचे की और चला गया.वह बगीचे की और गया तो उसने देखा की वहा तो गुलाब के एक से बढ़कर एक सुन्दर फुल थे, उसने एक सुंदर फुल देखा और उसे तोड़ लिया, लेकिन जैसे ही उसकी नजर आगे पड़ी उसे उससे भी सुन्दर फुल दिखाई दिया, वह उस फुल को तोड़ने ही वाला था की वापस उसकी नजर आगे पड़ी जहा उससे भी सुन्दर फुल दिखाई दिया, वह फिर आगे बढ़ गया. ऐसा करते करते वह आगे बढ़ता ही गया और बगीचे के आखरी छोर पर पहुच गया, अब वहा केवल सूखे और मुरझाये हुए फुल ही बचे थे, शर्ते के अनुसार सुन्दर फुल लेने के लिए उसे पीछे नहीं जाना था इसलिए वह खाली हाथ ही वापस लौटा.


वह business coach ने उससे पूछा की तुम तो गुलाब का सुन्दर फुल लेने गये थे? लाओ, कहा हे गुलाब का फुल? उसने कहा की सबसे सुन्दर फुल के चक्कर में आगे बढ़ता ही गया और ऐसा करते करते बगीचे के आखरी छोर पर पहुच गया और वहा सिर्फ सूखे और मुरझाये फुल ही थे, शर्ते को मानते हुए में ताजा और सुन्दर फुल नहीं ला पाया, coach हंसने लगे, उन्होंने कहा की जीवन भी ऐसा ही हे बढ़िया से बढ़िया मौके के चक्कर में हम हाथ आये अच्छे मौके भी गवा देते हे, फिर हमारे हाथ में कुछ नहीं रहता.





मुझे एक लड़की की कहानी याद आ रही हे, जो बहुत ही सुन्दर थी और पढ़ी लिखी थी, वह जब 20-21 साल की थी तब से ही उसके लिए शादी के मांगे आने लगे, शादी के एक से बढ़कर एक मांगे आते थे लेकिन क्युकी वह सुन्दर थी और पढ़ी लिखी थी, तो उसे बहुत ही सुन्दर लड़का, बहुत पढ़ा लिखा, जिसका बहुत बड़ा घर हो, खूब सारे पैसे हो, अच्छे माँ-बाप हो ऐसा सर्वगुण सम्पन लड़का चाहिए था, इसलिए वह कोई न कोई बहाने और कमिया निकलकर मांगे को ताल देती, ऐसा करते करते उसकी उम्र 40 साल हो गई, अब शादी के मांगे आने बंध ही हो गये, और हालत ऐसी थी की जो आते भी थे वह कि


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